विचार जिंदा है, विचार मरता नहीं…

घटनेचे गांभीर्य व संवेदना जपत बातमी देण्याचा हा एक उत्कृष्ट नमुना.

इस ताबूत में जो शव रखा है दरअसल उनका नहीं है जिन्हें मारा गया है, उनका है जो इसे मार दिये जाने के बाद देख रहे हैं। इस शख्स ने एक अपराध किया था। पूरी ज़िंदगी विज्ञान की साधना में गुज़ार दी, कन्नड भाषा और साहित्य की यात्रा को दर्ज करते रहे, लिखता रहे, बोलते रहे और सोचते रहे, इसलिए इस शख्स को गोली मार दी गई।